श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  3.5.140 
সেই ক্ষণে শুনি’ মাত্র নৃপতি প্রতাপ
কটক ছাডিযা আইলেন জগন্নাথ
सेइ क्षणे शुनि’ मात्र नृपति प्रताप
कटक छाडिया आइलेन जगन्नाथ
 
 
अनुवाद
यह समाचार सुनते ही राजा प्रतापरुद्र कटक छोड़कर जगन्नाथ पुरी आ गये।
 
On hearing this news, King Prataparudra left Cuttack and came to Jagannath Puri.
तात्पर्य
गंगा वंश का राजा प्रतापरुद्र महाप्रभु के समय कटक की राजधानी में रहता था। गौरासुंदर के आगमन का समाचार पाकर वह कटक से पुरी आया।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)