vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ
»
श्लोक 122
श्लोक
3.5.122
এই মত প্রতি-গ্রামে গ্রামে গঙ্গা-তীরে
রহিযা রহিযা প্রভু ভক্তের মন্দিরে
एइ मत प्रति-ग्रामे ग्रामे गङ्गा-तीरे
रहिया रहिया प्रभु भक्तेर मन्दिरे
अनुवाद
इस प्रकार भगवान गंगा के किनारे स्थित सभी गांवों से गुजरते हुए विभिन्न भक्तों के घरों में ठहरे।
Thus the Lord passed through all the villages situated on the banks of the Ganga and stayed in the houses of various devotees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×