श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  3.5.122 
এই মত প্রতি-গ্রামে গ্রামে গঙ্গা-তীরে
রহিযা রহিযা প্রভু ভক্তের মন্দিরে
एइ मत प्रति-ग्रामे ग्रामे गङ्गा-तीरे
रहिया रहिया प्रभु भक्तेर मन्दिरे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भगवान गंगा के किनारे स्थित सभी गांवों से गुजरते हुए विभिन्न भक्तों के घरों में ठहरे।
 
Thus the Lord passed through all the villages situated on the banks of the Ganga and stayed in the houses of various devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)