श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 115
 
 
श्लोक  3.5.115 
ভক্তির মহিমা-শ্লোক শুনিতে শুনিতে
পুনঃ পুনঃআছাড পডেন পৃথিবীতে
भक्तिर महिमा-श्लोक शुनिते शुनिते
पुनः पुनःआछाड पडेन पृथिवीते
 
 
अनुवाद
भक्तिमय सेवा की महिमा बताने वाले उन श्लोकों को सुनते ही भगवान बार-बार जोर से जमीन पर गिर पड़े।
 
On hearing those verses which glorified devotional service, the Lord fell heavily to the ground again and again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)