তবে প্রভু আইলেন বরাহ-নগরে
মহাভাগ্যবন্ত এক ব্রাহ্মণের ঘরে
तबे प्रभु आइलेन वराह-नगरे
महाभाग्यवन्त एक ब्राह्मणेर घरे
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान वराह नगर गये और एक अत्यन्त भाग्यशाली ब्राह्मण के घर में ठहरे।
Thereafter Lord Varaha went to the city and stayed in the house of a very fortunate Brahmin.
तात्पर्य
"एक ब्राह्मण के घर" पद में दर्शाए गए ब्रह्मण का नाम श्री रघुनाथ भागवत आचार्य है। चैतन्य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय दस, पाठ 113 पर अनुभाष्य टीका में उसका विस्तृत वर्णन पाया जा सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥