श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 5: श्री नित्यानंद प्रभु की लीलाएँ  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  3.5.104 
যেই আমি, সে-ই নিত্যানন্দ—ভেদ নাই
তোমার ঘরেই সব জানিবা এথাই
येइ आमि, से-इ नित्यानन्द—भेद नाइ
तोमार घरेइ सब जानिबा एथाइ
 
 
अनुवाद
मुझमें और नित्यानंद में कोई अंतर नहीं है। तुम्हारे घर में सबको यह बात पता चल जाएगी।
 
There is no difference between me and Nityananda. Everyone in your house will know this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)