श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  3.4.99 
যাঙ্র সেবকের নাম করিলে স্মরণ
সর্ব-বিঘ্ন দূর হয, খণ্ডযে বন্ধন
याङ्र सेवकेर नाम करिले स्मरण
सर्व-विघ्न दूर हय, खण्डये बन्धन
 
 
अनुवाद
उनके सेवकों के नाम स्मरण मात्र से ही सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं और सारी उलझनें टूट जाती हैं।
 
By merely remembering the names of his servants, all obstacles are removed and all confusions are broken.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)