vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 86
श्लोक
3.4.86
অন্য কথা অন্য কার্য নাহি কোন ক্ষণ
অহর্-নিশ বোলেন বোলাযেন সঙ্কীর্তন
अन्य कथा अन्य कार्य नाहि कोन क्षण
अहर्-निश बोलेन बोलायेन सङ्कीर्तन
अनुवाद
भगवान ने एक क्षण के लिए भी कुछ नहीं कहा या किया, सिवाय इसके कि वे दिन-रात संकीर्तन करते रहे और दूसरों को भी संकीर्तन करने के लिए प्रेरित करते रहे।
The Lord did not say or do anything for a moment, except that He continued to chant Sankirtan day and night and inspired others to do Sankirtan also.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×