vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 85
श्लोक
3.4.85
লক্ষ-কোটি লোক মিলিঽ করে হরি-ধ্বনি
আনন্দে নাচযে মাঝে প্রভু ন্যাসি-মণি
लक्ष-कोटि लोक मिलिऽ करे हरि-ध्वनि
आनन्दे नाचये माझे प्रभु न्यासि-मणि
अनुवाद
लाखों लोग हरि का नाम जप रहे थे और संन्यासियों के शिखर रत्न आनन्दपूर्वक नाच रहे थे।
Lakhs of people were chanting the name of Hari and the top jewels of the sannyasis were dancing joyfully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×