श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  3.4.82 
অতএব গোসাঞিরে পাঠাই কহিযা
ঽরাজার নিকট-গ্রামে কি কার্য রহিযাঽ”
अतएव गोसाञिरे पाठाइ कहिया
ऽराजार निकट-ग्रामे कि कार्य रहियाऽ”
 
 
अनुवाद
“इसलिए आओ हम किसी को यहोवा के पास यह सन्देश भेजकर कहें, ‘राजा के पास रहने से क्या लाभ है?’”
 
“So let us send someone to the Lord and say, ‘What good is it to stay with the king?’”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)