श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  3.4.75 
শুনিযা রাজার মুখে সুসত্য বচন
তুষ্ট হৈলেন যত সুসজ্জন-গণ
शुनिया राजार मुखे सुसत्य वचन
तुष्ट हैलेन यत सुसज्जन-गण
 
 
अनुवाद
राजा के सत्य वचन सुनकर सभी धर्मात्मा पुरुष प्रसन्न हो गये।
 
All the virtuous men became happy after hearing the true words of the king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)