श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.4.6 
দিন-চারি-পাঞ্চ প্রভু সেই পুণ্য-স্থানে
আসিযা রহিলা যেন কেহ নাহি জানে
दिन-चारि-पाञ्च प्रभु सेइ पुण्य-स्थाने
आसिया रहिला येन केह नाहि जाने
 
 
अनुवाद
भगवान उस पवित्र स्थान पर आये और दूसरों की जानकारी के बिना चार या पांच दिन तक वहां रहे।
 
The Lord came to that holy place and stayed there for four or five days without the knowledge of others.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)