vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 519
श्लोक
3.4.519
এই-মত চৈতন্য-যশের অন্ত নাই
তিঙ্হো যত দেন শক্তি তত মাত্র গাই
एइ-मत चैतन्य-यशेर अन्त नाइ
तिङ्हो यत देन शक्ति तत मात्र गाइ
अनुवाद
इसी प्रकार भगवान चैतन्य की महिमा का कोई अन्त नहीं है, मनुष्य उनका वर्णन केवल अपनी क्षमतानुसार ही कर सकता है।
Similarly, there is no end to the glories of Lord Chaitanya; man can only describe them according to his capacity.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×