श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  3.4.51 
চতুর্-দিকে থাকিঽ লোক তাঙ্হারে দেখিতে
কি নিমিত্তে আইসে—কহিবা ভাল-মতে”
चतुर्-दिके थाकिऽ लोक ताङ्हारे देखिते
कि निमित्ते आइसे—कहिबा भाल-मते”
 
 
अनुवाद
“मुझे यह भी स्पष्ट रूप से बताओ कि लोग उसे देखने के लिए चारों दिशाओं से क्यों आते हैं।”
 
“Also tell me clearly why people come from all directions to see him.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)