vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 51
श्लोक
3.4.51
চতুর্-দিকে থাকিঽ লোক তাঙ্হারে দেখিতে
কি নিমিত্তে আইসে—কহিবা ভাল-মতে”
चतुर्-दिके थाकिऽ लोक ताङ्हारे देखिते
कि निमित्ते आइसे—कहिबा भाल-मते”
अनुवाद
“मुझे यह भी स्पष्ट रूप से बताओ कि लोग उसे देखने के लिए चारों दिशाओं से क्यों आते हैं।”
“Also tell me clearly why people come from all directions to see him.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×