vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 454
श्लोक
3.4.454
আর কত জন ঽহরিঽ বলযে কীর্তনে
শঙ্খ-ঘন্টা বাজাযেন আরো কত জনে
आर कत जन ऽहरिऽ बलये कीर्तने
शङ्ख-घन्टा बाजायेन आरो कत जने
अनुवाद
कुछ भक्तों ने कीर्तन में हरि नाम का जाप किया, कुछ ने शंख बजाया और कुछ ने घंटियाँ बजाईं।
Some devotees chanted the name of Hari in kirtan, some blew conch shells and some rang bells.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×