श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 443
 
 
श्लोक  3.4.443 
শ্রী-গৌরসুন্দর সব-পারিষদ-সনে
বড সুখী হৈলেন সেই পুণ্য-দিনে
श्री-गौरसुन्दर सब-पारिषद-सने
बड सुखी हैलेन सेइ पुण्य-दिने
 
 
अनुवाद
उस शुभ दिन पर श्री गौरसुन्दर और उनके सभी सहयोगियों को बहुत खुशी हुई।
 
Shri Gaurasundar and all his associates were very happy on that auspicious day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)