অন্যোঽন্যে কৃষ্ণ-কথা-রসে দুই-জন
আপনার দেহ কারো না হয স্মরণ
अन्योऽन्ये कृष्ण-कथा-रसे दुइ-जन
आपनार देह कारो ना हय स्मरण
अनुवाद
वे दोनों आपस में कृष्णभावनामृत के विषयों पर चर्चा करने में इतने तल्लीन हो गए कि वे अपने शरीर के बारे में भूल गए।
Both of them became so engrossed in discussing topics of Krishna consciousness that they forgot about their bodies.
तात्पर्य
श्री माधवेंद्र और श्री अद्वैत कृष्ण कथा के भाव में इस कदर डूब गए कि वे अपने शरीर को ही भूल गए। इस भौतिक जगत की बद्ध आत्माएं हमेशा विपरीत विषयों में ही लीन रहती हैं। वे देह के विचार में इस कदर डूबे रहते हैं कि उन्हें कृष्ण की याद तक नहीं रहती।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥