vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 417
श्लोक
3.4.417
অতি বড সুকৃতি যে স্নানের সময
ঽগোবিন্দ-পুণ্ডরীকাক্ষঽ নাম উচ্চারয
अति बड सुकृति ये स्नानेर समय
ऽगोविन्द-पुण्डरीकाक्षऽ नाम उच्चारय
अनुवाद
केवल परम पवित्र व्यक्ति ही स्नान के समय पुण्डरीकाक्ष और गोविन्द का नाम लेते थे।
Only the most pious persons took the name of Pundarikaksha and Govinda while bathing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×