vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 400
श्लोक
3.4.400
মাধবেন্দ্র-পুরীর অকথ্য বিষ্ণু-ভক্তি
কৃষ্ণের প্রসাদে সর্ব-কাল পুর্ণ-শক্তি
माधवेन्द्र-पुरीर अकथ्य विष्णु-भक्ति
कृष्णेर प्रसादे सर्व-काल पुर्ण-शक्ति
अनुवाद
माधवेन्द्र पुरी की विष्णु भक्ति अवर्णनीय है। कृष्ण की कृपा से वे सदैव पूर्ण शक्ति से युक्त रहते थे।
Madhavendra Puri's devotion to Vishnu is indescribable. By the grace of Krishna, he was always full of power.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×