श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 352
 
 
श्लोक  3.4.352 
“ঘুচ ঘুচ মহা-পাপি, বিদ্যমান হৈতে
তোরে দেখিলে ও পাপ জন্মযে লোকেতে
“घुच घुच महा-पापि, विद्यमान हैते
तोरे देखिले ओ पाप जन्मये लोकेते
 
 
अनुवाद
"यहाँ से चले जाओ, महापापी! मेरी नज़रों से दूर हो जाओ! तुम्हें देखने मात्र से ही पाप लगता है।"
 
"Get out of here, you great sinner! Get out of my sight! Just looking at you is a sin."
तात्पर्य
घुका घुका वाक्यांश का अर्थ है “खो जाओ, खो जाओ।”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)