श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 330
 
 
श्लोक  3.4.330 
বালি মারিঽ সুগ্রীবেরে রাজ্য ভার দিযা
মিত্র-পদ দিলা তারে করুণা করিযা
वालि मारिऽ सुग्रीवेरे राज्य भार दिया
मित्र-पद दिला तारे करुणा करिया
 
 
अनुवाद
"भगवान ने बालि का वध करके सुग्रीव को राज्य सौंप दिया। करुणावश उन्होंने सुग्रीव से मित्रता कर ली।"
 
"The Lord killed Bali and handed over the kingdom to Sugreeva. Out of compassion, he became friends with Sugreeva."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)