श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 311
 
 
श्लोक  3.4.311 
কেহ বলে,—“আমি পাত ফেলি সর্ব কাল
তোমরা যে লও সে কেবল ঠাকুরাল”
केह बले,—“आमि पात फेलि सर्व काल
तोमरा ये लओ से केवल ठाकुराल”
 
 
अनुवाद
किसी और ने कहा, “मैंने हमेशा खाली प्लेटें फेंकी हैं, लेकिन अब अहंकार के कारण आप मेरा कर्तव्य निभा रहे हैं।”
 
Someone else said, “I have always thrown away empty plates, but now because of your ego you are doing my duty.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)