श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.4.26 
রাজা বলে,—“কহ কহ সন্ন্যাসী কেমন
কি খায, কি নাম, কৈছে দেহের গঠন”
राजा बले,—“कह कह सन्न्यासी केमन
कि खाय, कि नाम, कैछे देहेर गठन”
 
 
अनुवाद
राजा ने कहा, "मुझे संन्यासी के बारे में कुछ बताओ। वह क्या खाता है, उसका नाम क्या है और वह कैसा दिखता है?"
 
The king said, "Tell me something about the monk. What does he eat, what is his name and what does he look like?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)