श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 253
 
 
श्लोक  3.4.253 
প্রভু বলে,—“কৃষ্ণ-ভক্তি যে কিছু আমার
কেবল একান্ত সব প্রসাদে তোমার
प्रभु बले,—“कृष्ण-भक्ति ये किछु आमार
केवल एकान्त सब प्रसादे तोमार
 
 
अनुवाद
भगवान ने कहा, "कृष्ण के प्रति मेरी जो भी भक्ति है, वह केवल आपकी कृपा से है।
 
The Lord said, “Whatever devotion I have for Krishna is only due to your grace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)