श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 246
 
 
श्लोक  3.4.246 
যত দেখি সব তোমাঽ হৈতে সে উদয
পালযিতা তুমি সে, তোমাতে লীন হয
यत देखि सब तोमाऽ हैते से उदय
पालयिता तुमि से, तोमाते लीन हय
 
 
अनुवाद
"हम जो कुछ भी देखते हैं, वह सब आपसे ही उत्पन्न हुआ है। आप ही पालनकर्ता हैं, और अंततः सब कुछ आप में ही विलीन हो जाता है।"
 
“Everything we see has originated from You. You are the sustainer, and ultimately everything merges into You.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)