vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 224
श्लोक
3.4.224
কখন বা ধ্যানে কৃষ্ণ সাক্ষাত্ যে করিঽ
অট্ট অট্ট হসে আই আপনাঽ পাসরি
कखन वा ध्याने कृष्ण साक्षात् ये करिऽ
अट्ट अट्ट हसे आइ आपनाऽ पासरि
अनुवाद
कभी-कभी ध्यान में वह कृष्ण को देखती और स्वयं को भूलकर जोर-जोर से हंसने लगती।
Sometimes in meditation she would see Krishna and forget herself and start laughing loudly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×