vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 220
श्लोक
3.4.220
কোথা পলাইবা আজি এডিমু বান্ধিযা”
এত বলিঽ ধায আই আবিষ্ট হৈযা
कोथा पलाइबा आजि एडिमु बान्धिया”
एत बलिऽ धाय आइ आविष्ट हैया
अनुवाद
"तुम कहाँ भागोगे? मैं आज तुम्हें बाँध दूँगी।" ऐसा कहकर वह आनंद में मग्न होकर इधर-उधर दौड़ने लगी।
"Where are you going to run? I'll tie you up today." Saying this, she began running around, immersed in joy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×