श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 219
 
 
श्लोक  3.4.219 
হাতে বাডি করিযা কখন আই ধায
“ধর ধর সবে, এই ননী-চোরা যায
हाते बाडि करिया कखन आइ धाय
“धर धर सबे, एइ ननी-चोरा याय
 
 
अनुवाद
कभी-कभी माता शची हाथ में छड़ी लेकर दौड़तीं और कहतीं, "पकड़ो उसे! पकड़ो उसे! वह माखन चोर जा रहा है!"
 
Sometimes Mother Shachi would run with a stick in her hand and say, "Catch him! Catch him! He is stealing butter!"
तात्पर्य
बादी शब्द का अर्थ "डंडा" या "पोल" होता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)