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श्लोक 3.4.195  |
চতুর্-দিকে ভক্ত-গণ করেন ক্রন্দন
কি অদ্ভুত প্রেম, স্নেহ,—না যায বর্ণন |
चतुर्-दिके भक्त-गण करेन क्रन्दन
कि अद्भुत प्रेम, स्नेह,—ना याय वर्णन |
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| अनुवाद |
| चारों ओर के भक्तजन रोने लगे। ऐसा अद्भुत प्रेम और स्नेह वर्णन से परे है। |
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| Devotees all around began to cry. Such amazing love and affection is beyond description. |
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