vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 193
श्लोक
3.4.193
প্রভু ও করিলা অদ্বৈতেরে নিজ-কোলে
সিঞ্চিলেন অঙ্গ তাঙ্র প্রেমানন্দ-জলে
प्रभु ओ करिला अद्वैतेरे निज-कोले
सिञ्चिलेन अङ्ग ताङ्र प्रेमानन्द-जले
अनुवाद
भगवान ने अद्वैत को गले लगाकर उसका प्रत्युत्तर दिया और फिर अद्वैत के शरीर को प्रेम के आंसुओं से भिगो दिया।
The Lord responded by embracing Advaita and then drenched Advaita's body with tears of love.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×