श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 192
 
 
श्लोक  3.4.192 
জয-জযকার ধ্বনি করে নারী-গণে
উঠিল পরমানন্দ অদ্বৈত-ভবনে
जय-जयकार ध्वनि करे नारी-गणे
उठिल परमानन्द अद्वैत-भवने
 
 
अनुवाद
महिलाओं ने मंगल ध्वनि निकाली और अद्वैत का पूरा घर आनंद से भर गया।
 
The women made auspicious sounds and Advaita's entire house was filled with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)