vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 180
श्लोक
3.4.180
শুভ লগ্নে আইলাঙ অদ্বৈত দেখিতে
অদ্ভুত মহিমা দেখিলাঙ নযনেতে”
शुभ लग्ने आइलाङ अद्वैत देखिते
अद्भुत महिमा देखिलाङ नयनेते”
अनुवाद
"मैं ज़रूर किसी शुभ मुहूर्त में अद्वैत दर्शन के लिए आया हूँगा। इसीलिए मैं यह अद्भुत घटना देख पाया।"
"I must have come for Advaita Darshan at some auspicious time. That is why I was able to witness this amazing event."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×