প্রথমেই পরমার্থ কি কার্য কহিযা?
ব্যবহার কহিযাই যাই প্রবোধিযা”
प्रथमेइ परमार्थ कि कार्य कहिया?
व्यवहार कहियाइ याइ प्रबोधिया”
अनुवाद
"तो फिर मैं पहले आध्यात्मिक पहलू की बात क्यों करूँ? पहले मैं उन्हें उनके सांसारिक रिश्ते के बारे में समझाकर संतुष्ट कर दूँ।"
"Then why should I talk about the spiritual aspect first? Let me first satisfy them by explaining about their worldly relationship."
तात्पर्य
अद्वैत प्रभु समझ गए की संन्यासी यह पूछना चाहता है की चैतन्य देव का सन्यासी गुरु कौन था। अद्वैत प्रभु ने सोचा कि इसका क्या उत्तर देवें। उन्होंने बताया की सांसारिक दृष्टिकोण से केशव भारती ही श्री चैतन्य के सन्यासी गुरु है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥