श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  3.4.143 
আচার্য বলেন,—“আগে করহ ভোজন
শেষে জিজ্ঞাসার তবে হৈবে কথন”
आचार्य बलेन,—“आगे करह भोजन
शेषे जिज्ञासार तबे हैबे कथन”
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य ने कहा, "पहले भोजन कर लो, फिर मुझसे प्रश्न पूछो।"
 
Advaita Acharya said, "First eat your food, then ask me questions."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)