श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन  »  श्लोक 128
 
 
श्लोक  3.4.128 
রাজা মোরে কোথা চাহিবেক দেখিবারে?
এ কথা সকল মিথ্যা-কহিল সবারে”
राजा मोरे कोथा चाहिबेक देखिबारे?
ए कथा सकल मिथ्या-कहिल सबारे”
 
 
अनुवाद
"राजा मुझे क्यों देखना चाहेंगे? मैं आप सबको बता दूँ कि ये सारी अफ़वाहें झूठी हैं।"
 
"Why would the king want to see me? Let me tell you all that these rumors are all false."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)