vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 4: श्री अच्युतानंद की लीलाओं का वर्णन और श्री माधवेन्द्र का पूजन
»
श्लोक 106
श्लोक
3.4.106
তাহারাই কেহো ভয না করে রাজারে
হেন সে আনন্দ দিযাছেন সবাকারে
ताहाराइ केहो भय ना करे राजारे
हेन से आनन्द दियाछेन सबाकारे
अनुवाद
राजा का किसी को कोई भय नहीं था। भगवान ने सबको ऐसा आनंद प्रदान किया था।
No one feared the king. God had bestowed such joy upon everyone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×