श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  3.2.56 
সর্ব-রাত্রি কৃষ্ণ-কথা-কীর্তন-প্রসঙ্গে
আছিলেন অনন্ত-পণ্ডিত-গৃহে রঙ্গে
सर्व-रात्रि कृष्ण-कथा-कीर्तन-प्रसङ्गे
आछिलेन अनन्त-पण्डित-गृहे रङ्गे
 
 
अनुवाद
भगवान ने वह पूरी रात आनन्दपूर्वक अनन्त पंडित के घर में कृष्ण विषय पर चर्चा करते हुए बिताई।
 
The Lord spent the entire night happily discussing the subject of Krishna in the house of Ananta Pandit.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)