श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  3.2.51 
সেই আটিসারা-গ্রামে মহাভাগ্যবান্
আছেন পরম সাধু—শ্রী-অনন্ত নাম
सेइ आटिसारा-ग्रामे महाभाग्यवान्
आछेन परम साधु—श्री-अनन्त नाम
 
 
अनुवाद
उस आतिसार नामक ग्राम में श्री अनन्त नाम के एक अत्यन्त भाग्यशाली संत रहते थे।
 
In that village named Atisar, there lived a very fortunate saint named Shri Anant.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)