ত্রিভুবনে কৃষ্ণ দিযাছেন অন্ন-ছত্র
ঈশ্বরের ইচ্ছা থাকে মিলিব সর্বত্র”
त्रिभुवने कृष्ण दियाछेन अन्न-छत्र
ईश्वरेर इच्छा थाके मिलिब सर्वत्र”
अनुवाद
"कृष्ण ने तीनों लोकों के लिए भोजन उपलब्ध कराया है। यदि वे चाहें, तो मनुष्य को वह अवश्य प्राप्त होगा।"
"Krishna has provided food for the three worlds. If He wishes, man will surely get it."
तात्पर्य
भोजन अथवा कपड़ों की चिन्ता करके वैष्णव व्यर्थ समय नष्ट करते हैं क्योंकि वे सर्वशक्तिमान प्रभु के लिए समर्पित हैं, जिसे विश्वम्भर के नाम से जाना जाता है, अर्थात जो सबकी ज़रूरतें पूरी करता है."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥