श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 447
 
 
श्लोक  3.2.447 
কে বুঝিবে ঈশ্বরের চরিত্র গহন
হেন-রূপে সার্বভৌম-মন্দিরে গমন
के बुझिबे ईश्वरेर चरित्र गहन
हेन-रूपे सार्वभौम-मन्दिरे गमन
 
 
अनुवाद
परमेश्र्वर के गंभीर लक्षणों को कौन समझ सकता है? इस प्रकार भगवान को सार्वभौम के घर ले जाया गया।
 
Who can understand the profound signs of the Supreme Lord? Thus the Lord was taken to the abode of the Sovereign.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)