vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
»
श्लोक 429
श्लोक
3.2.429
লম্ফ দেন বিশ্বম্ভর আনন্দে বিহ্বল
চতুর্-দিকে ছুটে সব নযনের জল
लम्फ देन विश्वम्भर आनन्दे विह्वल
चतुर्-दिके छुटे सब नयनेर जल
अनुवाद
प्रेम से अभिभूत होकर विश्वम्भर हवा में उछल पड़े और उनकी आँखों से आँसू चारों दिशाओं में बहने लगे।
Overwhelmed with love, Vishvambhar jumped into the air and tears started flowing from his eyes in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×