श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.2.38 
সবে বলে,—“প্রভু, বিনা আজ্ঞায তোমার
কার দ্রব্য লৈতে বাশক্তি আছে কার”
सबे बले,—“प्रभु, विना आज्ञाय तोमार
कार द्रव्य लैते वाशक्ति आछे कार”
 
 
अनुवाद
उन्होंने उत्तर दिया, “हे प्रभु, आपकी अनुमति के बिना कौन कुछ लाने की शक्ति रखता है?”
 
They replied, “Lord, who has the power to bring anything without your permission?”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)