"आपकी माया मुझे भ्रमित कर रही है। हे प्रभु, मैं क्या करूँ? मेरे पास कोई स्वतंत्रता नहीं है।"
"Your Maya is confusing me. O Lord, what should I do? I have no freedom."
तात्पर्य
कहा गया है: `मायाधीश' `माया-वश'——ईश्वरे-जीवे भेद—"प्रभु शक्तियों के स्वामी हैं, और जीव उनके सेवक हैं। यही भगवान और जीव के बीच का अन्तर है।" इसलिए यद्यपि भगवान शिव को भगवान नाम से संबोधित किया जाता है, वे शाश्वत भगवान विष्णु के अधीनस्थ भक्त हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥