vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
»
श्लोक 349
श्लोक
3.2.349
হেন তঽ না দেখি আমি সṁসার-ভিতর
তোমাঽ-বৈ যে আমারে করে অনাদর”
हेन तऽ ना देखि आमि सꣳसार-भितर
तोमाऽ-बै ये आमारे करे अनादर”
अनुवाद
“ऐसा प्रतीत होता है कि संसार में तुमसे अधिक मेरा अनादर करने वाला कोई नहीं है।”
“It seems there is no one in the world who disrespects me more than you.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×