श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 322
 
 
श्लोक  3.2.322 
ভোলানাথ শঙ্করের চরিত্র অগাধ
কে বুঝে কি-রূপে কারে করেন প্রসাদ
भोलानाथ शङ्करेर चरित्र अगाध
के बुझे कि-रूपे कारे करेन प्रसाद
 
 
अनुवाद
भोलानाथ शंकर के लक्षण अथाह हैं। कौन समझ सकता है कि वे किस प्रकार की कृपा करते हैं या किस पर करते हैं?
 
The qualities of the innocent Lord Shankar are endless. Who can understand what kind of grace he bestows or on whom?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)