vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
»
श्लोक 310
श्लोक
3.2.310
দেখিলেন গিযা প্রভু প্রকট শঙ্কর
চতুর্-দিগে শিব-ধ্বনি করে অনুচর
देखिलेन गिया प्रभु प्रकट शङ्कर
चतुर्-दिगे शिव-ध्वनि करे अनुचर
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान शंकर के दर्शन करने गये, जिनके अनुयायी सभी दिशाओं में उनकी स्तुति कर रहे थे।
After that he went to see Lord Shankar, whose followers were praising him in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×