श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 293
 
 
श्लोक  3.2.293 
নিত্যানন্দ বলে,—“সবে স্থির কর চিত্ত
জানিলাঙ প্রভু গিযাছেন যে নিমিত্ত
नित्यानन्द बले,—“सबे स्थिर कर चित्त
जानिलाङ प्रभु गियाछेन ये निमित्त
 
 
अनुवाद
नित्यानंद बोले, "सब शांत हो जाओ। मुझे पता है कि भगवान क्यों चले गए हैं।"
 
Nityananda said, "Everyone calm down. I know why the Lord has gone away."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)