श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 283
 
 
श्लोक  3.2.283 
জন্তু-মাত্র যে নদীর হৈলেই পার
দেব-গণে দেখে চতুর্-ভুজের আকার
जन्तु-मात्र ये नदीर हैलेइ पार
देव-गणे देखे चतुर्-भुजेर आकार
 
 
अनुवाद
यदि कोई पशु भी उस नदी को पार करता है तो देवता उसे चतुर्भुज रूप में देखते हैं।
 
Even if any animal crosses that river, the god sees it in the form of Chaturbhuj.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)