মহাতীর্থ-বহে যথা নদী বৈতরণী
যাঙ্র দরশনে পাপ পলায আপনি
महातीर्थ-वहे यथा नदी वैतरणी
याङ्र दरशने पाप पलाय आपनि
अनुवाद
इस स्थान से होकर परम पवित्र वैतरणी नदी बहती है। इस नदी के दर्शन मात्र से ही पाप कर्म दूर हो जाते हैं।
The sacred river Vaitarani flows through this place. Just seeing this river washes away sins.
तात्पर्य
इस श्लोक का वैतरणी शब्द से तात्पर्य वaitरणी नदी से है। नावीगया नाम से भी प्रसिद्ध याजपुर इस नदी के तट पर स्थित विराज-क्षेत्र नाम से विख्यात स्थान पर स्थित है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥