vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,
»
श्लोक 281
श्लोक
3.2.281
যঙ্হি আদি-বরাহের অদ্ভুত প্রকাশ
যাঙ্র দরশনে হয সর্ব-বন্ধ-নাশ
यङ्हि आदि-वराहेर अद्भुत प्रकाश
याङ्र दरशने हय सर्व-बन्ध-नाश
अनुवाद
उस स्थान पर आदि वराह का अद्भुत विग्रह है। इस विग्रह के दर्शन करने से समस्त भवबंधन नष्ट हो जाते हैं।
At that place is a wonderful idol of Adi Varaha. By seeing this idol, all worldly bonds are destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×