कुछ ही दिनों में श्री गौरसुंदर महाप्रभु याजपुरा के ब्राह्मण-नगर इलाके में पहुंचे।
Within a few days, Sri Gaurasundara Mahaprabhu reached the Brahmin-town area of Yajpura.
तात्पर्य
आदि-वराह मंदिर में श्री गौरसुंदर के चरण-चिन्ह विद्यमान हैं, जो याजापुर के ब्राह्मण-नगर मोहल्ले में स्थित है। यह चरण-चिन्ह श्रीयुक्त मोहिनी मोहन राय चौधरी महाशय की मां की स्मृति में स्थापित किए गए थे, जो बालीयाटी ग्राम के जमींदार थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥